About Prashant Kishor in Hindi | जानिए कौन है प्रशांत किशोर हिंदी में

बहुत सारे मित्रो एवं पाठको के अनुरोध पे ये ब्लॉग About Prashant Kishor in Hindi लिख रहा हूँ।आशा करता हूँ की इस ब्लॉग के माध्यम से आप प्रशांत किशोर के बारे में विस्तृत रूप से जान पाएंगे।

अगर बात कि जाए प्रशांत किशोर की तो ये कहना बिलकुल ही गलत नहीं होगा की वर्तमान समय में प्रशांत किशोर भारत के सर्वश्रेष्ठ चुनाव रणनीतिकारों में से एक है। उनका चुनाव प्रचार के लिए डेटा-केंद्रित, innovative शैली उन्हें अन्य रणनीतिकारों से अलग बनाती है।

देश के विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के लिए सफल प्रचार, रणनीतियों की डिज़ाइन और क्रियान्वयन करने में, प्रशांत किशोर ने अपनी काबिलियत का बेमिसाल प्रदर्शन किया है। उनकी एक विशेष शैली जो बाकियों से उन्हें अलग करती है वो है उनकी मतदाताओं को नजदीकी से समझने और ऐसे अभियान तैयार करने में उनकी कुशलता जो मतदाताओं को किसी एक पार्टी के लिए वोट डालने के लिए प्रभावित करती है।

आजकल प्रशांत किशोर बिहार में अपने जन सुराज अभियान के लिए काफ़ी सुर्खियों में है।

Table of Contents

Personal life | व्यक्तिगत जीवन | About Prashant Kishore in Hindi

प्रशांत किशोर का जन्म 20 मार्च 1977 को सासाराम, रोहतास, बिहार में श्रीकांत पांडेय के घर में हुआ था। श्रीकांत पांडेय पेशे से एक डॉक्टर थे और उनकी माताजी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी थीं।

प्रशांत किशोर बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए बक्सर, बिहार गए, बाद में उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हैदराबाद से हासिल की।

अगर हम उनके शब्दों में उनकी बात करें, तो वे अभी भी वह स्वयं को राजनीतिक नेता की बजाय एक राजनीतिक कार्यकर्ता मानते हैं।

NamePrashant Kishor
Birth Year1977-1978
Place of BirthSasaram, Rohtas, Bihar
OccupationPolitical Strategist
EducationB.Tech | PG in Public Health
Father’s NameShrikant Pandey
Mother’s NameNot Known
Spouse NameJahnavi Das
Spouse OccupationPhysician(Doctor)
About Prashan Kishor in a table format.

Career

प्रशांत किशोर ने अपनी करियर की शुरुआत पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में की, शुरुआती दौर में वो एक UN (यूनाइटेड नेशंस) के प्रोजेक्ट पे काम किया। कुछ दिनों तक भारत के विभिन्न राज्यों में काम करने के बाद वो UN headquarter चले गए, उसके बाद उन्हें अफ्रीका के कुछ देशो में भी काम करने का मौका मिला ।

2011 में, प्रशांत ने एक पेपर प्रस्तुत किया जिसमें भारत के कुपोषण के चुनौतियों पर चर्चा की गई थी, ऐसा कहा जाता हैं उस पेपर ने मोदी का ध्यान आकर्षित किया, और बाद में मोदी ने उन्हें गुजरात के पोषण सूचकांकों पर काम करने के लिए आमंत्रित किया। इससे उनकी पहली मुलाकात मोदी के साथ हुई और उन्होंने 2012 गुजरात चुनाव के लिए मोदी के लिए चुनाव रणनीति तैयार की।

ऐसे तो प्रशांत किशोर को राजनीति में दिलचस्पी बचपन से ही थी लेकिन उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 2012 के गुजरात राज्य सभा चुनाव से की। 2012 में वो पहली बार बीजेपी के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप काम किया, प्रशांत किशोर ने भारत में पहली बार एक नयी तरीके से इंटरनेट की दुनिया में चुनावी प्रचार प्रसार के लिए उपयोग कर बीजेपी को जीत दिलाने में कामयाबी हासिल की।

इस जीत ने प्रशांत किशोर और मोदी के रिश्तों के नया आयाम दिया और 2014 लोक सभा चुनाव के लिए प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी भी बीजेपी ने प्रशांत किशोर के कंधो पे डाल दी।

प्रशांत किशोर 2013 के साल काफ़ी सुर्खियों में रहे, 2013 में उन्होंने CAG की स्थापना की। CAG एक ऐसे प्राइवेट संस्था है जो राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनाव प्रचार प्रसार का काम करती हैं।

उस समय खबरें ऐसी थी की लोक सभा चुनाव 2014 में मोदी जी के द्वारा उपयोग की गयी बहुत सारे चुनावी नारे जैसे की “अबकी बार मोदी सरकार” इत्यादि प्रशांत किशोर के दिमाग की ही उपज थी।
इसके अलावा और भी अलग तरीके चुनावी प्रचार जैसे “चाय पर चर्चा ” करने की सलाह भी प्रशांत किशोर ने दी थी।

2014 के सफलता के बाद प्रशांत किशोर भारत किए विभिन्न पार्टियों के साथ किये।

Key facts about Prashant Kishor in Hindi

  • प्रशांत किशोर ने कांग्रेस, JDU , AITC, AAP जैसी पार्टियों के साथ काम किया।
  • एक इंटरनेट समाचार के हिसाब से, 2014 चुनाव के बाद बीजेपी में अमित शाह की वापसी ने प्रशांत किशोर एवं बीजेपी की रिश्तों में बदलाव आ गया। जहां एक समय बीजेपी प्रशांत किशोर को महत्वपूर्ण पद देने की उम्मीद थी वही अमित शाह की वापसी ने समीकरण बदलते हुए प्रशांत किशोर को बीजेपी छोड़ने के मजबूर कर दिया।
  • प्रशांत किशोर के जीवनी और उनकी राजनीतिक करियर के ऊपर बहुत सारे बॉलीवुड निर्माता निर्देशक फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन प्रशांत किशोर ने किसी को मंजूरी नहीं दी।
  • प्रशांत किशोर चुनावी सलाहकार के रूप में 9 में से 8 चुनाव जीते।

At Present | वर्तमान समय में

वर्तमान समय में प्रशांत किशोर एक नयी प्रयोग में जुड़े हुए हैं।

प्रशांत किशोर के शब्दों में बिहार में बदलाव के लिए एक नयी तरह की राजनीति के ज़रूरत हैं, और इस ज़रूरत को देखते हुए उन्होंने 2019 में फ़ैसला लिया की वो अब चुनाव रणनीतिकार (इलेक्शन स्ट्रैटेजिस्ट) का काम छोड़ कर बिहार में जन सुराज अभियान की शुरुआत करेंगे। जन सुराज अभियान के तहत वो बिहार के पदयात्रा के माध्यम, लोगों की जरूरतों को समझते एक सामूहिक प्रयास और सही सोच के लोगों के साथ बिहार की राजनीति का एक हिस्सा बन सकते हैं ।

जन सुराज पार्टी कब आधिकारिक तौर पे आएगी ये पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे।

प्रशांत किशोर के कितने वेबसाइट हैं ये जानने के लिए यहाँ पढ़े।

FAQ About Prashant Kishor

प्रशांत किशोर कौन है ?

वर्तमान समय में प्रशांत किशोर भारत के सर्वश्रेष्ठ चुनाव रणनीतिकार की सूची में अव्वल नंबर पे आते हैं। हालाँकि पिछले दो साल से वो चुनाव रणनीतिकार के पेशे को छोड़कर बिहार की राजनीति में एक प्रयोग के तौर पर जन सुराज अभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने पुरे बिहार की पदयात्रा करने का फ़ैसला लिया हैं। बहुत ही जल्द हम उनको बिहार की राजनीति का एक अहम् हिस्सा बनते हुए देख सकते हैं ।

प्रशांत किशोर ने राजनीति में पहला कदम कैसे रखा हैं ?

ऐसा कहा जाता हैं की प्रशांत किशोर ने एक रिसर्च रिपोर्ट के माध्यम से गुजरात को चार राज्यों की सूचि में पब्लिक हेल्थ के मामले में सबसे अंतिम स्थान पे रखा था। इस रिपोर्ट के माध्यम से उनका परिचय उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई और उन्हें उनके के लिए काम करने का पहला अवसर प्राप्त हुआ ।

प्रशांत किशोर का जन सुराज अभियान क्या हैं ?

जन सुराज अभियान एक तरीके का प्रयोग हैं बिहार की राजनीति में, इस अभियान के तहत वो बिहार के लोगों के साथ मिलकर बिहार की राजनीति के हिस्सा बन सकते हैं।

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