What is Jan Suraaj? क्या हैं जन सुराज?

बिहार में जोर-शोर से चल रहे जन सुराज अभियान के बारे में आपने सुना होगा तो जरूर होगा, लेकिन कुछ सवाल जो आपके और अधिकतम बिहारवासियों के मन में जरूर आ रहे होंगे, वह हैं क्या प्रशांत किशोर कुछ कर पाएंगे? और सबसे बड़ा सवाल, क्या प्रशांत किशोर को वोट मिलेगा? What is Jan Suraaj, जन सुराज एक पार्टी हैं या फिर महागठबन्धन का एक हिस्सा?

आज के इस लेख में, मैं अपने सोच समझ के साथ इन सवालों के जवाब को ढूंढ़ने की कोशिश करूंगा। ये जानने से पहले की जन सुराज (प्रशांत किशोर ) को वोट मिलेगा या नहीं आईए सबसे पहले ये समझते है की जन सुराज क्या हैं ? Let’s understand what is jan suraaj?

Table of Contents

What is Jan Suraaj – क्या हैं जन सुराज?

सबसे पहले ये देखते हैं की जन सुराज का शाब्दिक अर्थ क्या हैं,

जन सुराज – People’s Good Governance
जनता के द्वारा चलने वाला राज्य।

Jan Suraaj Introduction Image

अगर हम प्रशांत किशोर के शब्दों में जन सुराज को समझने की कोशिश करे तो जन सुराज अभी एक सामाजिक अभियान हैं जिसके तहत प्रशांत किशोर अपनी टीम के साथ बिहार के लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
साथ ही साथ लोगों को बिहार की बदहाली से अवगत कराते हुए उन्हें एक मैसेज देने की कोशिश कर रहें हैं की बिहार राज्य को प्रगति पर अगर कोई ला सकता हैं तो वो सिर्फ बिहार की आम जनता हैं, बिहार में बदलाव के लिए सिर्फ और सिर्फ बिहार के लोगों को ही आगे आना पड़ेगा। प्रशांत किशोर ने इस बात को मीडिया में अनेकों बार दुहराया हैं की बिहार में कोई राजनीतिक दल या नेता बदलाव नहीं ला सकती हैं जब तक वहाँ के लोग न बदलना चाहे।

जन सुराज अभियान के तहत प्रशांत किशोर ने पुरे बिहार की पदयात्रा करने का फ़ैसला लिया हैं और आने वाले कुछ महीनों में बिहार के विभिन्न जिलों, प्रखंडों एवं गाँव में जाकर लोगों से मिलने एवं उनको जोड़ने का काम करेंगे ।

साथ ही साथ जो दूसरा अहम् बिंदु हैं इस अभियान के संबंध में वो हैं लोगों को लोकतंत्र से सीधा जोड़ना।
अगर बिहार के लोग एक सकारात्मक सोच के साथ लोकतंत्र से जुड़ना चाहते हैं तो जन सुराज अभियान के तहत ऐसे सही लोग, जिन्हें समाज की समस्याओं एवं उनके समाधान में रुचि हैं, चिन्हित कर लोकतंत्र के साथ जोड़ना हैं। ये चिन्हित किये गए सही लोग, सही सोच एवं सामूहिक प्रयास के साथ आने वाले समय में बिहार के लोगों का नेतृत्व करेंगे।

What’s the purpose of Jan Suraaj? क्या हैं जन सुराज के उद्देश्य?

जन सुराज का मुख्य उद्देश्य बिहार को विकसित राज्य बनाना है, और अच्छे सुशासन को लाना हैं। इस अभियान के तहत सही लोगों को चुनते हुए, सही सोच एवं सामूहिक प्रयास के साथ बिहार को एक बेहतर राज्य बनाने की कोशिश हैं।

इस अभियान के अंतिम चरण में सही लोगों के साथ एक चुनावी दल बनाया जायेगा जो की बिहार के विकास के हित में 10 बिंदुओं वाला एक फ्रेमवर्क पर काम करेगा।

क्या प्रशांत किशोर को वोट मिलेगा? Will Prashant Kishor get the vote?

बिहार एक राजनीतिक रूप से जटिल राज्य है, जहां राजनेताओं को उनकी जमीनी उपलब्धियों के बजाय उनकी जाति के आधार पर वोट दिए जाने की ऐतिहासिक प्रवृत्ति रही है। इस पारंपरिक पैटर्न को तोड़ने के इरादे से कई नेता राज्य में आए लेकिन किसी को भी बड़ी सफलता नहीं मिली।
पिछले तीन दशकों में, बिहार के मुख्यमंत्री या तो एक ही परिवार, एक ही राजनीतिक दल के रहे हैं, या उनके पिछले मुख्यमंत्री के साथ किसी तरह के संबंध रहे हैं। विविध नेतृत्व की इस कमी ने राज्य की प्रगति में बाधा उत्पन्न की है। सतत विकास के लिए, हर दशक में शासन में बदलाव देखना महत्वपूर्ण है, एक ऐसा बदलाव जिसे बिहार ने अभी तक अनुभव नहीं किया है।

बिहार के जटिल राजनीतिक परिदृश्य में, पिछले मतदान रुझानों को देखते हुए, प्रशांत किशोर के प्रति मतदाताओं के रुझान की भविष्यवाणी करना एक कठिन काम है। चुनौती विशेष रूप से पुरानी पीढ़ी और कम-शिक्षित परिवारों के बीच स्पष्ट है, जहां प्रचलित धारणा यह है कि अपनी ही जाति से नेता का चयन करना व्यक्तिगत कल्याण सुनिश्चित करने के जैसा है।
पिछले कुछ दशकों में, बिहार में एक पैटर्न देखा गया है जहां मतदाता अक्सर अपने प्रदर्शन या नीति प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बजाय जाति संबद्धता के आधार पर खुद को उम्मीदवारों के साथ जोड़ लेते हैं। प्रशांत किशोर, इस मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता को पहचानते हुए, इन स्थापित मानदंडों को चुनौती देने के लिए एक प्रयास कर रहे हैं।

इसकी सफलता समय के साथ निर्धारित होगी क्योंकि मतदाता अपने लंबे समय से चली आ रही मान्यताओं का आकलन और संभावित रूप से पुनर्विचार करेंगे। चुनाव परिणाम से हीं पता चलेगा कि क्या मतदाता वास्तव में इस वैकल्पिक दृष्टिकोण से आश्वस्त हैं या क्या गहराई तक जातिवाद राजनीति अभी भी कायम हैं ।

To read about official announcement of Jan Suraaj Party, click here.

To read about official websites of Prashant Kishor, click here.

Leave a Comment

Scroll to Top